Saturday, 17 October 2026

Chandigarh

पंजाब में सोलर प्लांट सहित एक नया ग्रीनफील्ड स्टील प्लांट होगा स्थापित : कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा

Updated on Friday, August 29, 2025 14:10 PM IST

VSSL और ASC लुधियाना जिले में नया ग्रीनफील्ड स्पेशल एवं अलॉय स्टील प्लांट स्थापित कर रहा है

वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्टील निर्माण सुविधा स्थापित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है परियोजना

इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस तकनीक से ऊर्जा दक्षता, कार्बन उत्सर्जन में कमी और शुद्ध स्टील का उत्पादन तय

यह संयंत्र कंपनी के सहयोग से प्लांट के संचालन के लिए नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग सुनिश्चित करेगा

स्टील स्क्रैप को पिघलाकर और नवीकरणीय ऊर्जा का इस्तेमाल कर ग्रीन स्टील का उत्पादन किया जाएगा

चंडीगढ़ : पंजाब को प्रमुख औद्योगिक हब बनाने और कारोबार में आसानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने जानकारी दी कि वर्धमान स्पेशल स्टील्स लिमिटेड (VSSL) जापान की आइची स्टील कॉरपोरेशन (ASC) के संयुक्त उद्यम से लुधियाना जिले में एक नया ग्रीनफील्ड स्पेशल एवं अलॉय स्टील प्लांट स्थापित कर रहा है। यह परियोजना राज्य में टिकाऊ, तकनीकी रूप से उन्नत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्टील निर्माण सुविधा स्थापित करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव कमल किशोर यादव भी उपस्थित रहे।

परियोजना की कुल लागत 2500 करोड़ रुपये

प्रोजेक्ट संबंधी संजीव अरोड़ा ने बताया कि इस परियोजना की कुल लागत 2500 करोड़ रुपये है। अलॉय और स्पेशल स्टील की 5 लाख टन प्रति वर्ष (TPA) स्थापित क्षमता के साथ यह प्लांट घरेलू और वैश्विक ऑटोमोटिव आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा। यह प्लांट इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) तकनीक से ऊर्जा दक्षता, कार्बन उत्सर्जन में कमी और शुद्ध स्टील उत्पादन सुनिश्चित करेगा।

एक सौर ऊर्जा संयंत्र भी स्थापित किया जाएगा

500 करोड़ की लागत से एक सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जाएगा। यह संयंत्र भागीदार कंपनी के सहयोग से प्लांट के संचालन के लिए नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को सुनिश्चित करेगा। यह 500 करोड़ रुपये का निवेश 2000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले ग्रीनफील्ड स्टील प्लांट से अलग है। उन्होंने इस पहल को सफल बनाने के लिए उद्योगपतियों से सहयोग और मार्गदर्शन की अपील की।

औद्योगिक विकास में मील का पत्थर बनेगी

यह परियोजना पंजाब में अधिकतम रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसमें 1500 से अधिक लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा, जबकि पूरे राज्य में एम एस एम ई, सप्लायर्स और सेवा प्रदाताओं को अप्रत्यक्ष रूप से व्यवसायिक अवसर प्राप्त होंगे। परियोजना पंजाब के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर बनेगी और उन्नत व टिकाऊ स्टील उत्पादन में राज्य की भूमिका को और मजबूत करेगी।

स्क्रैप को पिघलाकर ग्रीन स्टील का उत्पादन

अधिक विवरण साझा करते हुए वी एस एस एल के वाइस चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक सचित जैन ने कहा कि ऊर्जा दक्ष तकनीक का उपयोग करते हुए स्टील स्क्रैप को पिघलाकर और नवीकरणीय ऊर्जा का इस्तेमाल कर ग्रीन स्टील का उत्पादन किया जाएगा। यह वैश्विक टिकाऊ प्रथाओं और भारत की नेट-जीरो दृष्टि के अनुरूप है। इससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटेगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।

संयुक्त उद्यम और तकनीकी आदान-प्रदान

सचित जैन ने बताया कि यह परियोजना संयुक्त उद्यम और तकनीकी आदान-प्रदान पर आधारित है। इसे विश्व की अग्रणी कंपनी आइची स्टील कॉरपोरेशन, जापान के सहयोग से स्थापित किया जाएगा। ए एस सी निरंतर तकनीकी सहायता और विशेषज्ञता प्रदान करेगा। संयंत्र टोयोटा वे लेआउट पर आधारित होगा, जो कार्यकुशलता, सुरक्षा और विश्वस्तरीय प्लांट डिज़ाइन तय करता है।

औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को भी बढ़ावा

इस परियोजना में अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। यह प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए नवीन ऊर्जा-दक्ष और उत्पादक तकनीकों पर आधारित होगी। यह सुविधा वैश्विक ओईएम मानकों पर खरी उतरेगी और पंजाब को विशेष स्टील निर्यात का हब बनाएगी। सहायक उद्योगों, फोर्जिंग यूनिटों, लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों के लिए परियोजना लाभकारी होगी और औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देगी।

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